विधि
समक भिगोएँ
समक के चावल दो-तीन बार धोकर सादे पानी में भिगो दें। इस साइट पर साबुत मिलेट के लिए छह से आठ घंटे का भिगोना दिया है — पूरा चार्ट मिलेट पकाने की गाइड में है — पर समक बहुत बारीक अनाज है, और व्रत के दिन जल्दी में हों तो 30 मिनट भी असर करते हैं। पानी छानकर फेंक दें।
मूंगफली अलग से भूनें
मूंगफली को मध्यम आँच पर 4–5 मिनट सूखा भूनें, जब तक छिलके गहरे होकर ढीले न पड़ जाएँ। छिलके हटाकर दरदरा कूट लें। खिचड़ी के साथ पकाई मूंगफली नरम होकर उसी में घुल जाती है; भूनकर आख़िर में मिलाने पर कुरकुरी रहती है — और जिस दिन दाल और प्याज़ दोनों नहीं हैं, उस दिन यही कुरकुरापन सबसे ज़्यादा काम आता है।
आलू घी में भूनें
कुकर या मोटे तले के बर्तन में घी गरम करें। जीरा डालकर चटकने दें, फिर हरी मिर्च और अदरक 30 सेकंड। आलू डालकर 3–4 मिनट भूनें, जब तक किनारे पारदर्शी न लगें और कहीं-कहीं रंग न पकड़ ले। पहले सेंक लेने से आलू के टुकड़े पहचान में आते रहते हैं, मिलेट में घुलकर ग़ायब नहीं होते।
समक और पानी डालें
छना हुआ समक डालकर एक मिनट चलाएँ ताकि हर दाना घी में लिपट जाए। फिर पानी और सेंधा नमक। ध्यान दें कि यह हमारे चार्ट से ज़्यादा पानी है — चार्ट भीगे बार्नयार्ड के लिए 1:2 कहता है, क्योंकि वहाँ लक्ष्य खिली-खिली बनाना है। खिचड़ी नरम और चम्मच से खाने लायक चाहिए, इसलिए यहाँ 1:3 जान-बूझकर है, ग़लती नहीं।
पकाएँ, और छेड़ें नहीं
मध्यम आँच पर 2 सीटी, फिर प्रेशर अपने आप उतरने दें; या खुले बर्तन में ढककर लगभग 12 मिनट। पकते समय चलाएँ नहीं। बार्नयार्ड सबसे जल्दी पकने वाला और सबसे जल्दी टूटने वाला मिलेट है; बीच में चलाने से स्टार्च छूटता है और खिचड़ी लसलसी हो जाती है।
आख़िर में मिलाएँ और परोसें
ढक्कन खोलकर काँटे से एक बार हल्का फुलाएँ, फिर कुटी मूंगफली, हरा धनिया और नींबू का रस मिलाएँ। गरम परोसें — व्रत में दही चलता हो तो साथ में। रखे-रखे गाढ़ी हो जाए तो एक चम्मच गरम पानी उसे वापस ले आता है।